नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1000 रुपये की किस्त ट्रांसफर कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर में आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन 2026 के दौरान योजना की 25वीं किस्त जारी करते हुए यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी। सरकार की इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हर महीने मिलते हैं 1000 रुपये
महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इस तरह महिलाओं को सालभर में कुल 12,000 रुपये की मदद मिलती है।
सरकार के अनुसार पिछले महीने फरवरी में ही योजना की 24वीं किस्त के रूप में 6,413.40 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी गई थी। अब 25वीं किस्त जारी होने के बाद लाखों महिलाओं को फिर से आर्थिक सहारा मिला है।
ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
यदि आप इस योजना की लाभार्थी हैं और यह जानना चाहती हैं कि आपके खाते में पैसे आए हैं या नहीं, तो इसके लिए एक आसान प्रक्रिया अपनानी होगी।
सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। वहां “अंतिम सूची” या “आवेदन की स्थिति” के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आपको अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
इसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करते ही आपके आवेदन और भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी।
महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही योजना
राज्य सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से अब तक कुल 1,62,373.30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है।
लाभार्थियों के अनुसार इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाओं, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय शुरू करने में कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीधे बैंक खातों में पैसा भेजने से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी है।
सरकार का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूती दे रही है।
